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कोरबा जिले में चावल चना की अफरा तफरी रोकने के लिए जिला प्रशासन का यह कदम  अंचल के गरीब परिवार के लिए मुसीबत बन गया जिसको लेकर आम  हितग्राहियों में काफी रोष है ।इसका सीधा असर उपभोक्ताओं के साथ साथ पीडीएस दुकानदारों पर भी पड़ा है।

कोरबा जिले में सोसाइटी संचालकों ने बताया कि शासन की तरफ से  पूरी आवंटन ही नहीं की गई, जिससे हमें हितग्राहियों को पूरी माह का राशन देने में दिक्कत हुई ,इसी बीच एक नया आदेश आया है कि मार्च महीने में तीन माह की राशन कार्ड धारियों को एक साथ देना है। कोरबा जिला में लगभग बीपीएल परिवार के 3 लाख 22 हजार से अधिक उपभोक्ता है वही एपीएल परिवार के लगभग 30,000 हितग्राही है।वही पीडीएस दुकानदारों का कहना कि  फरवरी माह में एक बार ही आवंटन प्राप्त हुआ। इसके बाद व्यवस्था नहीं बन पाई जिसके बाद हमें हितग्राहियों को पूरी तरह सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।

वही  विभागीय अधिकारियों का कहना है कि  शासन के निर्देशों के अनुसार ही आवंटन  किया जा रहा है। सोसायटी संचालकों का कहना है कि सॉफ्टवेयर व तकनीकी दिक्कत के कारण परेशानी और बढ़ गई है जबकि कार्ड धारी की संख्या के अनुरूप भंडारण नहीं हो रहा है। 26 मार्च से 31 मार्च के बीच पीडीएस दुकानों में भंडारण की पूरी व्यवस्था कर दी जाएगी ।शासन की ऐसी मनसा है और वितरण सुचारू ढंग से होगा ऐसी उम्मीद है।

लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए अभी भी संशय बना हुआ है।चुकी खाद्य विभाग समय सीमा का अनुरूप भंडारण की बात कर रहा है वही पीडीएस दुकान संचालक पूरी तरीके से  आवंटन नहीं होने की होने की बात कर  रहे है। लेकिन सच्चाई ये है कि वर्तमान व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है इसके बिना आम उपभोक्ताओं तक शासन की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता।।

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